Play a Game

Sunday, February 7, 2016

ग़ज़ल सम्राट - जगजीत सिंह... A voice of Heart...

चिट्ठी न कोई सन्देश, जाने वो कौन सा देश, जहाँ तुम चले गए...  

Ghazal Samrat - Jagjeet Singh - www.writerstorm.in

एक नाम जो अब भी हमारे ज़हन में है, ग़ज़ल सम्राट जगजीत सिंह।
एक किद्वंती जिनकी आवाज़ हमेशा हमारे कानों में गूंजती रहेगी।।
जन्म - 8-फरवरी-1941, श्रीगंगानगर, राजस्थान
अन्तिम प्रयाण - 10-अक्टुबर-2011 

जगजीत सिंह जी का जन्म एक धार्मिक परिवार में हुआ था।  उनका बचपन का नाम जगमोहन था, पर उनके एक पारिवारिक गुरु जी के कहने पर उनके पिता जी ने उनका नाम जगजीत रख दिया, जिसका अर्थ ही है जग को जीतने वाला, जो कि आज एक विश्व-विख्यात नाम है। जगजीत सिंह जी को बचपन से ही संगीत में रूचि थी।  उन्होंने संगीत की शिक्षा उस्ताद ज़माल ख़ान और पंडित छगनलाल शर्मा से ली।  जगजीत सिंह जी  पार्श्वगायक बनना चाहते थे, इसी सपने को आँखों में संजोये वे 1965 में मायानगरी बम्बई (मुंबई) आये। 

अपने संघर्ष (Struggle) के दिनों में उन्होंने कई शादियों में और विग्ज्ञापनों में जिंगल्स गाये। उसी दौरान उनकी मुलाकात पार्श्वगायिका चित्रा दत्ता से हुई और वर्ष 1969 में उन्होंने चित्रा जी से शादी कर ली। 1970 में उन्होंने अपनी पहली एल्बम निकली "The Unforgettable" जो की कुछ सेमी-क्लासिकल इंडियन म्यूज़िक का एक संग्रह था। नए राग और एक नयी आवाज़ ने अपना जादू बिखेरा, अपितु कई दिग्गजों ने इसकी आलोचना की, पर इंडस्ट्री के बहुत से लोगों ने उसे सराहा भी। उस एल्बम की देखते ही देखते कई प्रतियां बिक गयीं।  उसके बाद उन्होंने चित्रा जी के साथ मिलकर कई एल्बमस निकले और बहोत सी फिल्मों में अपनी पार्श्वगायकी से लोगों को मंत्रमुग्ध किया। 

वे अपनी गायकी में बहोत से प्रयोग किया करते थे, और दर्शक उन्हें सराहते भी थे जैसे कि एक एल्बम मेरे ज़हन में है "Beyond Time". 90s में आई यह एल्बम समय और अंतरिक्ष से परे था। उसी दौरान उनके इकलौते पुत्र विवेक की एक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गयी, जिसका जगजीत और चित्रा जी दोनों पर एक गहरा आघात लगा। काफी समय तक संगीत की दुनियाँ दो मधुर आवाज़ से वंचित रही। और चित्रा जी ने तो गाना ही छोड़ दिया। "Someone Somewhere" चित्रा जी की आखरी एल्बम थी। जगजीत जी ने अपने आप को सम्भाला और पुनः अपनी गायकी से सारी दुनियाँ को मंत्रमुग्ध किया। और आज भी उनकी आवाज़ का मीठा जादू हमारी, आपकी, हमसब की ज़हन में बरक़रार है, और रहती दुनियाँ तक यूँ ही बरकरार रहेगी। 

No comments:

Post a Comment