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Wednesday, February 10, 2016

मैं ख़ुशी बेचता हूँ... - Seller of Happiness...

मैं ख़ुशी बेचता हूँ,
और नन्हें-नन्हें बच्चे उन्हें खरीद भी लेते हैं।

और हाँ ! मैं खिलौने भी बेचता हूँ,
और उनके पैसे भी लेता हूँ उन बच्चों से,
ताकि, मेरे बच्चों को दो जून की रोटी मिल सके,
वो स्कूल जा सकें,
और मुस्कुरा सकें। 

पर साहेब !!
खिलौने बेचना मेरी मज़बूरी है,
और खुशियाँ बेचना, मेरी चाहत ।।। 

2 comments:

  1. Miss Those childhood days jab hum dhoti dhoti khushiyan khareeda karate thae

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  2. सही कहा आनंद जी, दिल ढूंढता है, फिर वही बचपन के दिन... :)

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